कि 80 साल पहले बनाया गया विशाल व डैम आज भी मजबूती से खड़ा है और अमेरिका में इरिगेशन बाढ़ रोकने और बिजली उत्पादन के काम आता है तेज बारिश में भी आप ऊपर डैम को ऐसे ओवरफ्लो होते हुए और तबाही मचाते हुए नहीं देखेंगे उबल डैम की इंजीनियरिंग रहस्यों में आपका स्वागत है इस विडियो में आप ऊपर डैम के डिजाइन इंजीनियर मिशेल जॉनसन जज की भूमिका निभाएंगे और एरिज़ोना की कोलोराडो नदी पर इस बड़े से डैम.
डिजाइन और कंस्ट्रक्शन करेंगे मित्र जॉन सर्विस की सर्वे करने वाली टीम ने कोलोराडो नदी के पीछे ब्लैक कैंटीन पहाड़ों को चुना इसकी वजह है इन पहाड़ों की ऊंचाई अच्छी है और इनके बीच में पतले गैप हैं जिसकी वजह से वह कंस्ट्रक्शन मटीरियल की काफी बचत कर सकते थे लेकिन इस प्रोजेक्ट के मुख्य इंजीनियर के लिए अभी भी कई सारी डिजाइन चुनौतियां मौजूद थी चलिए एक समान चौड़ाई की एक सीधी कंक्रीट की थी कि डिज़ाइन के साथ शुरुआत.
करते हैं पानी के तेज बहाव की वजह से दीवार मोड़ जाएगी और खराब हो जाएगी जैसा कि आप देख सकते हैं कि इस बिल्डिंग की वजह से बाहर के फाइबर लंबे हो जाएंगे और अंदर के फाइबर छोटे हो जाएंगे इससे नारियों की वजह से दीवार कि डोंट थिंग साइड पर खिंचाव होगा और अब स्क्रीन साइड पर संकुचन होगा जब कंक्रीट पर 10साल स्ट्रेस लगाया जाता है तो इस पर आसानी से दरार आ जाती है.
समस्या को सुलझाने के लिए आम तौर पर आधुनिक बिल्डिंग में स्टील बार इसका इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि स्टीव रोड्स आसानी से टैन साइलेंट को कैर्री कर सकती है लेकिन विशेषज्ञों सर्विस के पास इससे भी आसान सलूशन था जिसमें स्टील रॉड की जरूरत नहीं थी दिया डैम टेक्नोलॉजी जवाब किसी डैम को कर्वेचर देते हैं तो यह 18 डैम बन जाता है जैसा दिखाया गया है यह आठ डैम पानी की लोडिंग के चलते अपना.
बदल लेता है अब अगर आप डा इस बदले हुए आकार की तुलना इसके मूल आकार के साथ करेंगे तो अब देख पाएंगे कि अब टीम और डॉग स्टील टॉवल्स दोनों की ही लंबाई कम हो रही है जिसका मतलब यह है कि डैम की बॉडी में कंप्रेसर लोडिंग हो रही होगी कंक्रीट टेंप्रेचर इंफोसिस का सामना कर सकता है यह आर्ट टेक्नोलॉजी की खूबसूरती है है लेकिन अगर डैम को सर्विस में रखा.
तो पानी के दबाव की वजह से यह गिर सकता है हम नीचे देश की तरफ थोड़ा-थोड़ा करके डैम की चौड़ाई बढ़ाकर इस समस्या को सुलझा सकते हैं यह तरीका डैम बॉडी के सेंटर आफ ग्रेविटी को कम कर देगा सेंटर आफ ग्रेविटी जितनी कम होगी उस ऑब्जेक्ट की स्टेबिलिटी उतनी ही ज्यादा होगी हमने जो डिजाइनर भी हासिल की है उसे ग्रैविटी आ डैम कहा जाता है और इस डिजाइन के साथ पेंसिल स्ट्रेस.
स्टेबिलिटी की समस्या को सुलझाया जा सकता है यह बढ़ती हुई चौड़ाई वाली डिजाइन शेयर फोर्स को भी रेसिस्ट कर सकती है डैम के बॉडी पर पानी के दबाव का डायग्राम एक समान नहीं होता है लेकिन इसका आकार ट्रायंगल की तरह होता है और यह देश की तरफ बढ़ता है हालांकि देश की तरफ डैम का एरिया भी बढ़ रहा होता है इसलिए हर क्रॉस सेक्शन पर शेयर स्ट्रेस की वैल्यू लगभग एक जैसी.
सर्विस के लिए अगली बड़ी चुनौती थी डैम कि उचाई डैम की ऊंचाई जितनी ज्यादा होगी उसकी पानी स्टोर करने की क्षमता भी उतनी ज्यादा होगी बिजली उत्पादन और बाढ़ नियंत्रण के लिए यह एक फायदा है लेकिन क्या पहाड़ की दीवारों जितनी ऊंचाई का डैम बना पाना मुमकिन है सबसे पहले हमें डैम के लाइव सेशन के दौरान होने वाले अधिकतम बाढ़ के बहाव को ऐनालाइज करना पड़ेगा जो क्षेत्र के रेंट फॉर डाटा और कैचमेंट एरिया.
निर्भर करता है इतने ऊंचे डैम को बनाने के बाद पानी के अधिक भाव होने पर भी अगर डैम अपनी पूरी क्षमता तक नहीं भर रहा है तो इसका मतलब है कि इसे ऊपर डिजाइन कर दिया गया है इसके अलावा ऊंचे डैम को बनाने के लिए ज्यादा मटीरियल चाहिए होते हैं जिसकी वजह से उसकी कंस्ट्रक्शन की कॉस्ट अचानक से बढ़ जाती है इसलिए मिसाइल बजने ऐसी ऊंचाई जुनिया जो कॉस्ट इफेक्टिव थी आसपास.
के शहरों की पानी की मांग के अनुसार थी और बाढ़ को भी नियंत्रित कर सकती थी उन्होंने 726 फीट की ऊंचाई छूने इस डैम का मुखिया डिजाइन हिस्सा अब पूरा हो चुका है अब है सबसे ज्यादा दिलचस्प हिस्सा इसका कंस्ट्रक्शन करना है 2018 से ग्रैविटी डैम होने की वजह से इसे लोड को ट्रांसफर करने के लिए मजबूत पहाड़ी दीवारें चाहिए चलिए पहाड़ों का प्रशिक्षण लेते हैं आप देख सकते हैं कि इस सरफेस.
पत्थर हवा पानी से नष्ट हो चुके और काफी कमजोर है इसलिए उबल के कंस्ट्रक्शन के दौरान सबसे पहला काम यह था कि इन सभी कमज़ोर पत्थरों को तब तक हटाया जाए जब तक केवल वर्जन पत्थर ना बजे वर्जन पत्थरों के लिए कारीगरों ने जाए कैमरों की मदद से होल किए और डायनामाइट का इस्तेमाल करके उन्हें ब्लास्ट किया ब्लास्ट करने के बाद दीवारों से धो लें पत्थरों को हटाने के लिए रस्सियों के जरिए करो बेग कारीगरों.
भेजा गया और खुदाई से निकली मटीरियल्स को ट्रक के जरिए ट्रांसफर किया गया इस डैम की साइड की दीवारों के साथ एक मजबूत जोड़ होना चाहिए इस मकसद के लिए उन्होंने फिर से डायनामाइट एक्सप्लोजन का इस्तेमाल करके एक आज के आकार में पहाड़ की दीवार की खुदाई की डैम की बॉडी इन खुदाई किए हुए गहरे हो इसके अंदर से बननी शुरु होती है हैं जिसकी वजह से पहाड़ की दीवार और.
डिजाइन और कंस्ट्रक्शन करेंगे मित्र जॉन सर्विस की सर्वे करने वाली टीम ने कोलोराडो नदी के पीछे ब्लैक कैंटीन पहाड़ों को चुना इसकी वजह है इन पहाड़ों की ऊंचाई अच्छी है और इनके बीच में पतले गैप हैं जिसकी वजह से वह कंस्ट्रक्शन मटीरियल की काफी बचत कर सकते थे लेकिन इस प्रोजेक्ट के मुख्य इंजीनियर के लिए अभी भी कई सारी डिजाइन चुनौतियां मौजूद थी चलिए एक समान चौड़ाई की एक सीधी कंक्रीट की थी कि डिज़ाइन के साथ शुरुआत.
करते हैं पानी के तेज बहाव की वजह से दीवार मोड़ जाएगी और खराब हो जाएगी जैसा कि आप देख सकते हैं कि इस बिल्डिंग की वजह से बाहर के फाइबर लंबे हो जाएंगे और अंदर के फाइबर छोटे हो जाएंगे इससे नारियों की वजह से दीवार कि डोंट थिंग साइड पर खिंचाव होगा और अब स्क्रीन साइड पर संकुचन होगा जब कंक्रीट पर 10साल स्ट्रेस लगाया जाता है तो इस पर आसानी से दरार आ जाती है.
समस्या को सुलझाने के लिए आम तौर पर आधुनिक बिल्डिंग में स्टील बार इसका इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि स्टीव रोड्स आसानी से टैन साइलेंट को कैर्री कर सकती है लेकिन विशेषज्ञों सर्विस के पास इससे भी आसान सलूशन था जिसमें स्टील रॉड की जरूरत नहीं थी दिया डैम टेक्नोलॉजी जवाब किसी डैम को कर्वेचर देते हैं तो यह 18 डैम बन जाता है जैसा दिखाया गया है यह आठ डैम पानी की लोडिंग के चलते अपना.
बदल लेता है अब अगर आप डा इस बदले हुए आकार की तुलना इसके मूल आकार के साथ करेंगे तो अब देख पाएंगे कि अब टीम और डॉग स्टील टॉवल्स दोनों की ही लंबाई कम हो रही है जिसका मतलब यह है कि डैम की बॉडी में कंप्रेसर लोडिंग हो रही होगी कंक्रीट टेंप्रेचर इंफोसिस का सामना कर सकता है यह आर्ट टेक्नोलॉजी की खूबसूरती है है लेकिन अगर डैम को सर्विस में रखा.
तो पानी के दबाव की वजह से यह गिर सकता है हम नीचे देश की तरफ थोड़ा-थोड़ा करके डैम की चौड़ाई बढ़ाकर इस समस्या को सुलझा सकते हैं यह तरीका डैम बॉडी के सेंटर आफ ग्रेविटी को कम कर देगा सेंटर आफ ग्रेविटी जितनी कम होगी उस ऑब्जेक्ट की स्टेबिलिटी उतनी ही ज्यादा होगी हमने जो डिजाइनर भी हासिल की है उसे ग्रैविटी आ डैम कहा जाता है और इस डिजाइन के साथ पेंसिल स्ट्रेस.
स्टेबिलिटी की समस्या को सुलझाया जा सकता है यह बढ़ती हुई चौड़ाई वाली डिजाइन शेयर फोर्स को भी रेसिस्ट कर सकती है डैम के बॉडी पर पानी के दबाव का डायग्राम एक समान नहीं होता है लेकिन इसका आकार ट्रायंगल की तरह होता है और यह देश की तरफ बढ़ता है हालांकि देश की तरफ डैम का एरिया भी बढ़ रहा होता है इसलिए हर क्रॉस सेक्शन पर शेयर स्ट्रेस की वैल्यू लगभग एक जैसी.
सर्विस के लिए अगली बड़ी चुनौती थी डैम कि उचाई डैम की ऊंचाई जितनी ज्यादा होगी उसकी पानी स्टोर करने की क्षमता भी उतनी ज्यादा होगी बिजली उत्पादन और बाढ़ नियंत्रण के लिए यह एक फायदा है लेकिन क्या पहाड़ की दीवारों जितनी ऊंचाई का डैम बना पाना मुमकिन है सबसे पहले हमें डैम के लाइव सेशन के दौरान होने वाले अधिकतम बाढ़ के बहाव को ऐनालाइज करना पड़ेगा जो क्षेत्र के रेंट फॉर डाटा और कैचमेंट एरिया.
निर्भर करता है इतने ऊंचे डैम को बनाने के बाद पानी के अधिक भाव होने पर भी अगर डैम अपनी पूरी क्षमता तक नहीं भर रहा है तो इसका मतलब है कि इसे ऊपर डिजाइन कर दिया गया है इसके अलावा ऊंचे डैम को बनाने के लिए ज्यादा मटीरियल चाहिए होते हैं जिसकी वजह से उसकी कंस्ट्रक्शन की कॉस्ट अचानक से बढ़ जाती है इसलिए मिसाइल बजने ऐसी ऊंचाई जुनिया जो कॉस्ट इफेक्टिव थी आसपास.
के शहरों की पानी की मांग के अनुसार थी और बाढ़ को भी नियंत्रित कर सकती थी उन्होंने 726 फीट की ऊंचाई छूने इस डैम का मुखिया डिजाइन हिस्सा अब पूरा हो चुका है अब है सबसे ज्यादा दिलचस्प हिस्सा इसका कंस्ट्रक्शन करना है 2018 से ग्रैविटी डैम होने की वजह से इसे लोड को ट्रांसफर करने के लिए मजबूत पहाड़ी दीवारें चाहिए चलिए पहाड़ों का प्रशिक्षण लेते हैं आप देख सकते हैं कि इस सरफेस.
पत्थर हवा पानी से नष्ट हो चुके और काफी कमजोर है इसलिए उबल के कंस्ट्रक्शन के दौरान सबसे पहला काम यह था कि इन सभी कमज़ोर पत्थरों को तब तक हटाया जाए जब तक केवल वर्जन पत्थर ना बजे वर्जन पत्थरों के लिए कारीगरों ने जाए कैमरों की मदद से होल किए और डायनामाइट का इस्तेमाल करके उन्हें ब्लास्ट किया ब्लास्ट करने के बाद दीवारों से धो लें पत्थरों को हटाने के लिए रस्सियों के जरिए करो बेग कारीगरों.
भेजा गया और खुदाई से निकली मटीरियल्स को ट्रक के जरिए ट्रांसफर किया गया इस डैम की साइड की दीवारों के साथ एक मजबूत जोड़ होना चाहिए इस मकसद के लिए उन्होंने फिर से डायनामाइट एक्सप्लोजन का इस्तेमाल करके एक आज के आकार में पहाड़ की दीवार की खुदाई की डैम की बॉडी इन खुदाई किए हुए गहरे हो इसके अंदर से बननी शुरु होती है हैं जिसकी वजह से पहाड़ की दीवार और.
का कलेक्शन बहुत मजबूत हो जाता है अब अगला बड़ा सवाल यह है कि जमीन इतने बड़े डैम का वजन कैसे रहेगी खुदाई के दौरान हॉटस्पॉट टर्न नाम की मिट्टी की मजबूत लेयर तक पहुंचना जरूरी होता है हॉटस्पॉट को ढूंढने के लिए कारीगरों ने पावर शब्द का इस्तेमाल किया और 135 फीट की गहराई तक नदी के तल एक खुदाई की जितनी डैम की बेस की चौड़ाई थी उतनी ही चौड़ाई तक नदी के तल एक खुदाई.
गई हमने अभी तक एक बात नहीं बताई है वह यह है कि यह सभी काम शुरू करने से पहले उन्हें नदी के बहाव को दूसरी दिशा में मोड़ना पड़ा था ऐसा करने के लिए उन्होंने टेंपरेरी को फोल्ड AIIMS और डायवर्जन टनल बनाई थे अब बारी है कंक्रीट इन की कटिंग के लिए हमें पहले फॉर्म भर की व्यवस्था करनी चाहिए जो कि लकड़ी का बना हुआ होता है होमवर्क किया मोल्ड बनाने के बाद.
कंक्रीट डालना शुरू करेंगे लेकिन यहां मुख्य समस्या यह है कि जब सीमेंट पानी के साथ रिएक्ट करता है तो गर्मी पैदा करता है इस प्रोजेक्ट की स्केल को ध्यान में रखते हुए अगर एक ही बार में सारा कंक्रीट डाल दिया जाए तो इतनी गर्मी पैदा हो जाएगी कि कंक्रीट में मटीरियल एक्सटेंशन और थर्मल क्रैक आ जाएंगे जिसकी वजह से प्रोजेक्ट फिर हो जाएगा इस समस्या को सुलझाने के लिए यहां एक कंस्ट्रक्शन.
इनोवेशन है इंजीनियर ने चतुराई के साथ पूरे डैम के एरिया को 50 बाहर 50 मिट के कई सारे बॉक्स में बांट दिया और एक-एक करके ब्लॉक मोड वर्ग में कंक्रीट डाला कंक्रीट की इन छोटी-छोटी मात्राओं को ठंडा होने में काफी कम समय लगा साथ ही उन्होंने बॉक्स में 2 इंच डायमीटर के स्टील पाइप भी ढूंढ इन पांच मिनट ठंडा पानी था जो कंक्रीट के तापमान को नियंत्रित करके इस जल्दी और आसानी से सेट कर देता था कंक्रीट.
के हार्ड होने के बाद कारीगरों ने इन स्टील पाइप को एक गिरावट सीमेंट सैलरी से भर दिया यह तकनीक इतनी इफेक्टिव रह है कि आज तक उबल डैम में एक भी दरार नहीं आई है अब चलिए उबर डैम के सबसे बड़े उपयोग यानि कि बिजली के उत्पादन की बारीकियों को समझते हैं आपने डैम की वाटर बॉडी के अंदर चार बड़े टावर्स को देखा होगा का यह इंटैक्ट आवर्स है इन टावर की ऊंचाई के साथ कई गेट्स.
के बहाव को नियंत्रित करते हैं इन टावर्स को इन 500 फिट लंबे पैंट्स के साथ कनेक्ट किया जाता है जो पानी को टरबाइन तक ले जाते हैं बिजली का उत्पादन करने के लिए मिस्टर शाहिद ने डांस टीम डैम के बेस पर एक यू शेप का पावर प्लांट डिजाइन किया पेनस्टॉक से आने वाला पानी फ्रेंड्स टाइप वर्टिकल टरबाइन को घुमाता है जो फिर आगे कई सारे इलेक्ट्रिक जेनरेटर को घुमाता है इनमें से हर एक जेनरेटर 1.
लाख लोगों के लिए पर्याप्त बिजली का उत्पादन करता है बाद में इरिगेशन के लिए इस पानी को डांस टीम आउटलेट के जरिए रिलीज किया जाता है अधम 1 मिलियन एकड़ से ज्यादा जमीन की इरिगेशन करता है दिलचस्प बात यह है कि यह डैम दुनिया के सबसे बड़ी मानव निर्मित लेख में से एक बनाता है लेख मीट इतने बड़े वाटर स्टोरेज फैसिलिटी की वजह से ग्राउंड वाटर रिचार्ज होता है जिसके चलते आसपास.
कुओं के पानी का लेवल भी बढ़ जाता है उबल डैम का अगला उद्देश्य है बाढ़ नियंत्रण बार या मूसलाधार बारिश की स्थिति में यह डैम जलाशय में पानी को स्टोर करता है और इसे लोगों की जान लेने और डांसिंग एरिया की स्ट्रक्चर्स को तबाह करने से रोकता है अब चलिए छोटी से डिजाइन चुनौती को देखते हैं क्या होगा अगर डेम ओवर फ्लो हो गया यह बड़ी ही आसानी से डांस टीम बने.
स्ट्रक्चर्स को नुकसान पहुंचा सकता है ऐसी किसी समस्या को सुलझाने के लिए उन्होंने अफीम डैम के दोनों तरफ विल वे इस नाम के पैसे वेस्ट बना दिए हैं ताकि पानी को डांस टीम बहाया जा सके यह स्पिलवे इस डैम के ऊपर वाले हिस्से से 27 फुट नीचे मौजूद हैं कि अगर पानी उस लेवल तक पहुंच जाता है तो यह स्पिलवे इसमें बहना शुरू हो जाता है कि आपको पता है कि आप सुबह डैम के बॉडी.
अंदर चल सकते हैं इस डैम के बॉडी में कई सारी सुरंगे छुपी हुई है उन्हें वाटर सीवरेज जाम की प्रक्रिया की वजह से यह सुरंगे बनानी पड़ी जिसके बारे में हमें पहले से ही पता है जब लिक्विड पर प्रेशर पड़ता है तो वह हमेशा पोरस मटीरियल के जरिए बाहर निकलने की कोशिश करता है यहां पर पानी के मॉलिक्यूल्स सीटें इफेक्ट की वजह से डैम के बॉडी के नीचे मौजूद मिट्टी के जरिए बह जाते हैं यहां.
समस्या यह है कि इस बहाव की वजह से डैम के बेस पर एक हाई अपलिफ्ट दबाव जेनरेट होता है जो कि इसकी स्पेशलिटी को बहुत कम कर देता है इसलिए मिरिसा बेचने एक गैलरी डिजाइन की एक्सटर्नल जो कि डैम के बॉडी और बेस से सारे सीपेज वाले पानी को इकट्ठा करता है यह एक्शन अपलिफ्ट दबाव को काफी हद तक कम कर देता है इकट्ठा किए हुए पानी को फिर सूरत पूर्वक डिस्चार्ज कर दिया.
है यह गैलरी 6 दिया दरार की जांच करने के लिए भी पैसेजवे देती है भविष्य पर केंद्रित नजरिया और इतनी बारीकी से बनाई गई इंजीनियरिंग योजना की वजह से ऊपर डैम आज भी मजबूती के साथ खड़ा हुआ अपने देश की सेवा कर रहा है हमें उम्मीद है कि इस इंजीनियरिंग के बारे में जानने में आपको मजा आया होगा वीडियो खत्म होने से पहले लेसिक्स 1996 कारीगरों को श्रद्धांजलि देना चाहता है जिन्होंने इस बड़े से.
को असलियत में बदलने के लिए अपनी जान गंवा दी आपसे फिर मिलते हैं वीडियो देखने के लिए धन्यवाद.
गई हमने अभी तक एक बात नहीं बताई है वह यह है कि यह सभी काम शुरू करने से पहले उन्हें नदी के बहाव को दूसरी दिशा में मोड़ना पड़ा था ऐसा करने के लिए उन्होंने टेंपरेरी को फोल्ड AIIMS और डायवर्जन टनल बनाई थे अब बारी है कंक्रीट इन की कटिंग के लिए हमें पहले फॉर्म भर की व्यवस्था करनी चाहिए जो कि लकड़ी का बना हुआ होता है होमवर्क किया मोल्ड बनाने के बाद.
कंक्रीट डालना शुरू करेंगे लेकिन यहां मुख्य समस्या यह है कि जब सीमेंट पानी के साथ रिएक्ट करता है तो गर्मी पैदा करता है इस प्रोजेक्ट की स्केल को ध्यान में रखते हुए अगर एक ही बार में सारा कंक्रीट डाल दिया जाए तो इतनी गर्मी पैदा हो जाएगी कि कंक्रीट में मटीरियल एक्सटेंशन और थर्मल क्रैक आ जाएंगे जिसकी वजह से प्रोजेक्ट फिर हो जाएगा इस समस्या को सुलझाने के लिए यहां एक कंस्ट्रक्शन.
इनोवेशन है इंजीनियर ने चतुराई के साथ पूरे डैम के एरिया को 50 बाहर 50 मिट के कई सारे बॉक्स में बांट दिया और एक-एक करके ब्लॉक मोड वर्ग में कंक्रीट डाला कंक्रीट की इन छोटी-छोटी मात्राओं को ठंडा होने में काफी कम समय लगा साथ ही उन्होंने बॉक्स में 2 इंच डायमीटर के स्टील पाइप भी ढूंढ इन पांच मिनट ठंडा पानी था जो कंक्रीट के तापमान को नियंत्रित करके इस जल्दी और आसानी से सेट कर देता था कंक्रीट.
के हार्ड होने के बाद कारीगरों ने इन स्टील पाइप को एक गिरावट सीमेंट सैलरी से भर दिया यह तकनीक इतनी इफेक्टिव रह है कि आज तक उबल डैम में एक भी दरार नहीं आई है अब चलिए उबर डैम के सबसे बड़े उपयोग यानि कि बिजली के उत्पादन की बारीकियों को समझते हैं आपने डैम की वाटर बॉडी के अंदर चार बड़े टावर्स को देखा होगा का यह इंटैक्ट आवर्स है इन टावर की ऊंचाई के साथ कई गेट्स.
के बहाव को नियंत्रित करते हैं इन टावर्स को इन 500 फिट लंबे पैंट्स के साथ कनेक्ट किया जाता है जो पानी को टरबाइन तक ले जाते हैं बिजली का उत्पादन करने के लिए मिस्टर शाहिद ने डांस टीम डैम के बेस पर एक यू शेप का पावर प्लांट डिजाइन किया पेनस्टॉक से आने वाला पानी फ्रेंड्स टाइप वर्टिकल टरबाइन को घुमाता है जो फिर आगे कई सारे इलेक्ट्रिक जेनरेटर को घुमाता है इनमें से हर एक जेनरेटर 1.
लाख लोगों के लिए पर्याप्त बिजली का उत्पादन करता है बाद में इरिगेशन के लिए इस पानी को डांस टीम आउटलेट के जरिए रिलीज किया जाता है अधम 1 मिलियन एकड़ से ज्यादा जमीन की इरिगेशन करता है दिलचस्प बात यह है कि यह डैम दुनिया के सबसे बड़ी मानव निर्मित लेख में से एक बनाता है लेख मीट इतने बड़े वाटर स्टोरेज फैसिलिटी की वजह से ग्राउंड वाटर रिचार्ज होता है जिसके चलते आसपास.
कुओं के पानी का लेवल भी बढ़ जाता है उबल डैम का अगला उद्देश्य है बाढ़ नियंत्रण बार या मूसलाधार बारिश की स्थिति में यह डैम जलाशय में पानी को स्टोर करता है और इसे लोगों की जान लेने और डांसिंग एरिया की स्ट्रक्चर्स को तबाह करने से रोकता है अब चलिए छोटी से डिजाइन चुनौती को देखते हैं क्या होगा अगर डेम ओवर फ्लो हो गया यह बड़ी ही आसानी से डांस टीम बने.
स्ट्रक्चर्स को नुकसान पहुंचा सकता है ऐसी किसी समस्या को सुलझाने के लिए उन्होंने अफीम डैम के दोनों तरफ विल वे इस नाम के पैसे वेस्ट बना दिए हैं ताकि पानी को डांस टीम बहाया जा सके यह स्पिलवे इस डैम के ऊपर वाले हिस्से से 27 फुट नीचे मौजूद हैं कि अगर पानी उस लेवल तक पहुंच जाता है तो यह स्पिलवे इसमें बहना शुरू हो जाता है कि आपको पता है कि आप सुबह डैम के बॉडी.
अंदर चल सकते हैं इस डैम के बॉडी में कई सारी सुरंगे छुपी हुई है उन्हें वाटर सीवरेज जाम की प्रक्रिया की वजह से यह सुरंगे बनानी पड़ी जिसके बारे में हमें पहले से ही पता है जब लिक्विड पर प्रेशर पड़ता है तो वह हमेशा पोरस मटीरियल के जरिए बाहर निकलने की कोशिश करता है यहां पर पानी के मॉलिक्यूल्स सीटें इफेक्ट की वजह से डैम के बॉडी के नीचे मौजूद मिट्टी के जरिए बह जाते हैं यहां.
समस्या यह है कि इस बहाव की वजह से डैम के बेस पर एक हाई अपलिफ्ट दबाव जेनरेट होता है जो कि इसकी स्पेशलिटी को बहुत कम कर देता है इसलिए मिरिसा बेचने एक गैलरी डिजाइन की एक्सटर्नल जो कि डैम के बॉडी और बेस से सारे सीपेज वाले पानी को इकट्ठा करता है यह एक्शन अपलिफ्ट दबाव को काफी हद तक कम कर देता है इकट्ठा किए हुए पानी को फिर सूरत पूर्वक डिस्चार्ज कर दिया.
है यह गैलरी 6 दिया दरार की जांच करने के लिए भी पैसेजवे देती है भविष्य पर केंद्रित नजरिया और इतनी बारीकी से बनाई गई इंजीनियरिंग योजना की वजह से ऊपर डैम आज भी मजबूती के साथ खड़ा हुआ अपने देश की सेवा कर रहा है हमें उम्मीद है कि इस इंजीनियरिंग के बारे में जानने में आपको मजा आया होगा वीडियो खत्म होने से पहले लेसिक्स 1996 कारीगरों को श्रद्धांजलि देना चाहता है जिन्होंने इस बड़े से.
को असलियत में बदलने के लिए अपनी जान गंवा दी आपसे फिर मिलते हैं वीडियो देखने के लिए धन्यवाद.

