मी. डायमीटर प्रोब ड्रिल करना। यह टास्क सफलतापूर्वक 30 अक्टूबर 1990 को पूरा हुआ। इससे कंफर्म हुआ कि टनल्स की अलाइनमेंट्स सही है। इंजीनियर्स के लिए यह एक बड़ी राहत थी। प्रोब की सफलता के बाद रिमेनिंग डिस्टेंस के लिए एक स्मॉल पायलट टनल हाथ से एक्सकवेट किया गया। इससे हिस्टोरिक हैंडशेक मोमेंट संभव हुआ 1 दिसंबर 1990 को जब ब्रिटिश और फ्रेंच वर्कर्स पहली बार इंग्लिश चैनल के नीचे मिले। यह हैंडशेक उस समय का प्रतीक था जब पहली बार ग्रेट ब्रिटेन और मेनलैंड यूरोप के बीच लैंड कनेक्शन मौजूद हुआ। पिछली आईसीएज के बाद अंत में फ्रेंच टीबीएम को सावधानी से आगे बढ़ाया गया और रिमेनिंग ग्राउंड को ब्रेक किया जिससे मेन सर्विस टनल एक्सकवेशन पूरी हुई। यही फाइनल मशीन ब्रेक थ्रू था। अगर आप सोच रहे हैं कि यही चैनल टनल की फाइनल ज्योमेट्री है तो आप गलत थे। असल में इंजीनियर्स ने एक और भी कॉम्प्लिकेटेड डिजाइन अपनाया। दो क्रॉसओवर्स वाला डिजाइन। ऐसा क्यों किया गया? यह क्रॉसओवर्स इफेक्टिवली 50.
5 कि.मी. की सुरंग को छह मैनेजेबल सेक्शंस में डिवाइड कर देते हैं। इससे क्या फायदा होता है? टनल के किसी एक सेक्शन में मेंटेनेंस वर्क किया जा सकता है और ट्रेंस को क्रॉसओवर के माध्यम से दूसरी टनल में डायवर्ट किया जा सकता है। इससे सिस्टम का एक बड़ा हिस्सा लगातार ऑपरेशनल रह सकता है। अगर किसी रनिंग टनल में कोई इंसिडेंट या ऑब्स्ट्रक्शन हो जाए तो क्रॉसओवर्स ट्रैफिक को रीूट करने की सुविधा देते हैं। जिससे सर्विज में डिसरप्शन मिनिमम रहती है। आपने शायद चैनल टनल के शेक्सपियर क्लिफ पर यह बड़े एक्सियल फैंस देखे होंगे। यह किस लिए है? यह टनल में फ्रेश एयर सप्लाई के लिए है। टनल के दोनों एंड्स पर सर्विस टनल में फ्रेश एयर सप्लाई की जाती है। सर्विस टनल का एयर प्रेशर मेन टनल से थोड़ा ज्यादा रखा जाता है। यह फ्रेश एयर फिर कंट्रोलोल्ड लवर्स और क्रॉस पैसेजेस में लगे डोर्स के माध्यम से मेन रनिंग टनल्स में फ्लो करती है। क्रॉस पैसेजेस सर्विस टनल को मेन रनिंग टनल्स से हर 375 मीटर पर जोड़ते हैं। इन पैसेजेस में ऐसे डोर्स लगे होते हैं जिन्हें खोल या बंद करके एयर फ्लो को कंट्रोल किया जा सकता है। इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 11 टीबीएम्स इस्तेमाल किए गए। फ्रेंच साइड से पांच और इंग्लिश साइड से छह। थरेटिकली इस प्रोजेक्ट के लिए केवल छह टीबीएम्स पर्याप्त थे। एक्स्ट्रा पांच टीबीएम्स इस्तेमाल करने का रीजन था डिफरेंट जियोलॉजिकल कंडीशंस। लैंड पर कोस्ट और टनल स्टार्टिंग पॉइंट्स के बीच की जियोलॉजी डीप सी चौक से अलग और ज्यादा कॉम्प्लेक्स थी। इन सेक्शंस के लिए वही टीबीएम्स इस्तेमाल करना फिजिबल नहीं था। लैंड टनलिंग के लिए यूके साइड पर तीन अलग टीबीएम्स और फ्रेंच साइड पर दो टीबीएम्स यूज किए गए। हैरत की बात यह है कि इन 11 मशीनों में से दो ने एक तरह से कंप्लीट सुसाइड कर दिया। मेरा मतलब है कि इन्हें जानबूझकर रॉक में ड्राइव करके बरी कर दिया गया जिसे अक्सर टीबीएम ब्यूरियल प्रोड्यूर कहा जाता है। दोनों ही ब्रिटिश टीबीएम्स थी। टीबीएम्स पीछे नहीं चल सकते। इतनी दूर से इन मशीनंस को डिस्मेंटल और ट्रांसपोर्ट करना बहुत मुश्किल और कॉस्टली काम था। पांच लैंड बेस्ड टीबीएम्स को पूरी तरह डिस्मेंटल करके रिमूव किया गया। बाकी चार को डिस्मेंटल किया गया और केवल वैलुएबल कंपोनेंट्स को ही सेल्वेज किया गया। क्या आपने टनल के अंदर यह पाइप्स देखे हैं? यह किस लिए है? ट्रेंस एयर फ्रिक्शन की वजह से हीट जनरेट करती है। ओपन में चलने वाली ट्रेंस के लिए यह हीट आसानी से डिसीपेट हो जाती है। लेकिन टनल के अंदर ट्रेंस के लिए हीट के पास निकलने की कोई जगह नहीं होती। अगर यह हीट एक्यूमुलेट हो जाए तो हाई टेंपरेचर सिस्टम में मैकेनिकल प्रॉब्लम्स भी पैदा कर सकती है। यह पाइप्स चिल्ड वाटर कैरी करती है और कंटीन्यूअसली हीट को अब्सॉर्ब करती है। इस तरह इंजीनियर सिस्टम का सेफ टेंपरेचर 25° सेल्सियस बनाए रखने में सक्षम रहते हैं। आइए चैनल टनल में एक वर्चुअल ट्रेन जर्नी करें और इस इंजीनियरिंग मार्वल को और डिटेल में समझें। ट्रेन फ्रेंच साइड के कोकेली से चैनल टनल में एंटर करती है। यह लोकेशन इंग्लिश चैनल कोस्ट से लगभग 6 कि.
मी. इनलैंड है। आप महसूस कर सकते हैं कि ट्रेन सीधे चल रही है। लेकिन असल में यह चौक मॉल लेयर के भीतर एक कॉम्प्लेक्स पाथ फॉलो करती है। हमने पहले ही पिस्टन रिलीफ डेक्स का इस्तेमाल देखा है। टनल एंट्रेंस से 12 कि.मी. ट्रैवल करने के बाद आप पहले रेल क्रॉसओवर से मिलेंगे। यह रीजन असल में एक मासिव अंडरसी कावन है। मान लीजिए कि आपकी ट्रेन को टेक्निकल प्रॉब्लम का सामना करना पड़ता है। थैंक्स टू दो क्रॉसओवर्स जो टनल को छह सेक्शंस में डिवाइड करते हैं। चैनल टनल सर्विस फिर भी जारी रहती है। इस समय एक स्पेशलाइज मेंटेनेंस व्हीकल टनल में एंटर करता है। सर्विस टनल में लगा रोबस्ट गेट खुलता है। इनक्रॉस पैसेजेस के माध्यम से मेंटेनेंस पर्सनल रनिंग टनल में एंटर कर सकते हैं। ध्यान दें कि सर्विस टनल का प्रेशर मेन टनल से अधिक रखा जाता है। अगर रनिंग टनल में फायर हो जाए तो यह हायर प्रेशर सुनिश्चित करता है कि स्मोक और फायर सर्विस टनल में ना फैले। इस तरह यह सेफ इवाकुएशन रूट के रूप में भी काम करता है। रिपेयर वर्क के बाद ट्रेन अपनी जर्नी रिज्यूम करती है। ट्रेन इंग्लिश साइड के फोरकिस्टन कट में चैनल टनल से बाहर निकलती है और अंततः यूके टर्मिनल पहुंचती है। अगले सर्विस के लिए ट्रेन को टर्न अराउंड करना पड़ता है और फिर यह फ्रांस की रिटर्न सर्विस के लिए तैयार हो जाती है। अगर आपको यह वीडियो हेल्पफुल लगा तो हमें लाइक और कमेंट करके जरूर बताएं। आप इसे शेयर भी कर सकते हैं और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें। हमारे अपकमिंग प्रोजेक्ट्स के बारे में जानने के लिए हमारी वेबसाइट jese company.com पर जरूर विजिट करें।


